| Why should we not speak while eating? |
खाते वक़्त क्यों नहीं बोलना चाहिए?
आपने अक्सर बड़ों या दूसरों से ये कहते सुना होगा कि खाते वक़्त बोलना नहीं चाहिए। दरअसल, ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि भोजन के दौरान चबाया हुआ लारयुक्त भोजन निवालों के रूप में ग्लौटिस से होते हुए ग्रासनली में पहुंचता है।
निवाला निगलते समय अनैच्छिक और प्रतिवर्ती क्रिया के कारण एपीग्लौटिस से सट जाता है, जिससे शवास नली बंद हो जाती है और ग्लौटिस फ़ैल कर निवाले को ग्रासनली में जाने का मार्ग देता है।
भोजन करते समय बोलने से शवास नली में भोजन के कण फँस सकते हैं। इन कणों के द्वारा शवास नली में उत्तेजन होते ही प्रतिवर्ती क्रिया के कारण खांसी हो सकती है। भोजन का बड़ा टुकड़ा फंसने से दम भी घुट सकता है।
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